प्रयागराज की विशेष पोक्सो अदालत द्वारा शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके एक शिष्य के खिलाफ FIR दर्ज करने के आदेश के बाद देशभर में धार्मिक और राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। यह आदेश शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी की याचिका पर दिया गया।
क्या है मामला?
शिकायत के अनुसार, कथित तौर पर नाबालिगों के यौन शोषण से जुड़ा मामला अदालत में प्रस्तुत किया गया। विशेष पोक्सो कोर्ट ने प्रारंभिक आधार पर संज्ञान लेते हुए पुलिस को FIR दर्ज कर जांच शुरू करने का निर्देश दिया है।
कौन हैं आशुतोष ब्रह्मचारी?
आशुतोष ब्रह्मचारी पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शामली जिले से हैं और धार्मिक गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं। वे भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेताओं के साथ दिखाई देते हैं।
सामूहिक बलात्कार, गौ तस्करी, जैसे 25 से अधिक अपराध में नामजद आशुतोष ब्रह्मचारी शामली जिला के कांदला थाने में एक हिस्ट्रीशीटर के रूप में दर्ज है। उसका नाम थाने की दीवार पर चस्पां है। उसके पूरे परिवार पर आपराधिक मामला दर्ज है। ब्लैकमेलिंग कर धन उगाही उसके परिवार का मुख्य पेशा है।
राजनीतिक गलियारों में यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या इस प्रकरण के पीछे बीजेपी नेतृत्व की भूमिका है। हालांकि, इस संबंध में किसी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी), की ओर से आधिकारिक तौर पर कोई पुष्टि या बयान सामने नहीं आया है।
