यूपी कांग्रेस में बड़े संगठनात्मक बदलाव की तैयारी, जिलाध्यक्षों से लेकर प्रदेश टीम तक होगा फेरबदल

लखनऊ। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए उत्तर प्रदेश में कांग्रेस ने अपने संगठन को नए सिरे से मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है। पार्टी संगठन सृजन अभियान के तहत प्रदेश से लेकर जिला और शहर स्तर तक बड़े बदलाव की तैयारी में है। आने वाले दिनों में कई जिलों के जिलाध्यक्षों और शहर अध्यक्षों को बदला जाएगा।

कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व और प्रदेश नेतृत्व के बीच संगठनात्मक बदलाव को लेकर मंथन का दौर पूरा हो चुका है। सूत्रों के मुताबिक, एक से दो दिन के भीतर नए जिला और शहर अध्यक्षों की सूची जारी की जा सकती है। नए पदाधिकारियों के चयन में पार्टी इस बार जातीय समीकरण के साथ-साथ उनकी जमीनी सक्रियता और संगठन के प्रति आर्थिक योगदान देने की क्षमता को भी महत्वपूर्ण आधार बनाने की तैयारी में है।

जातीय समीकरण के साथ आर्थिक मजबूती पर भी जोर

यूपी जैसे बड़े राज्य में विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिहाज से कांग्रेस संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करना चाहती है। इसी रणनीति के तहत पार्टी ऐसे चेहरों को जिम्मेदारी देने पर विचार कर रही है, जिनकी अपने क्षेत्र में मजबूत पकड़ हो और जो कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने के साथ चुनावी गतिविधियों के लिए संसाधन जुटाने में भी सक्षम हों।

पार्टी नेतृत्व का मानना है कि केवल जनाधार रखने वाले नेताओं के बजाय ऐसे पदाधिकारियों की जरूरत है, जो संगठन को लगातार समय दे सकें और चुनावी तैयारियों में सक्रिय भूमिका निभा सकें।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी में भी होगा बदलाव

जिला और शहर स्तर के संगठन में बदलाव के साथ ही प्रदेश कांग्रेस कमेटी की नई टीम को लेकर भी कवायद तेज है। कांग्रेस नेतृत्व सितंबर के अंत तक उत्तर प्रदेश कांग्रेस की नई टीम के गठन की तैयारी में जुटा है।

गौरतलब है कि कांग्रेस नेतृत्व ने 17 अगस्त 2023 को बृजलाल खाबरी को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाकर पूर्व मंत्री अजय राय को यूपी कांग्रेस की कमान सौंपी थी। इसके कुछ ही समय बाद अजय राय को प्रदेश की टीम भी मिल गई थी।

हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद 5 दिसंबर को कांग्रेस हाईकमान ने उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी को भंग कर दिया था। इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष अजय राय बिना प्रदेश कार्यकारिणी के संगठन की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को धार देने की रणनीति

लोकसभा चुनाव के बाद कांग्रेस यूपी में अपने संगठन को लेकर लगातार समीक्षा कर रही है। पार्टी अब आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए संगठन को नए सिरे से खड़ा करना चाहती है।

जिला और शहर अध्यक्षों की नियुक्ति को इसी व्यापक संगठनात्मक अभियान का अहम हिस्सा माना जा रहा है। इसके बाद प्रदेश कांग्रेस कमेटी की नई टीम के गठन की प्रक्रिया भी पूरी होने जा रही है।

कांग्रेस की कोशिश है कि चुनावी मैदान में उतरने से पहले संगठनात्मक ढांचे को मजबूत कर लिया जाए, ताकि बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाई जा सके और पार्टी अपनी राजनीतिक जमीन को और मजबूत कर सके।

ऐसे में आने वाले दिनों में यूपी कांग्रेस में होने वाले संगठनात्मक बदलाव को आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है

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