गुवाहाटी/नई दिल्ली, संवाददाता।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद गौरव गोगोई ने कहा है कि यदि राज्य में कांग्रेस की सरकार बनती है तो छह समुदायों को अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा दिलाने के लिए ठोस और समयबद्ध कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने यह आश्वासन एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान दिया, जहां बड़ी संख्या में समर्थक और विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधि मौजूद थे।
गोगोई ने कहा कि इन समुदायों की लंबे समय से चली आ रही मांग को नजरअंदाज किया गया है। “हम संवैधानिक प्रक्रिया का पालन करते हुए केंद्र सरकार के साथ समन्वय स्थापित करेंगे और जरूरत पड़ने पर संसद में भी इस मुद्दे को मजबूती से उठाएंगे,” उन्होंने कहा।
उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार ने चुनावी वादों के बावजूद इस दिशा में अपेक्षित प्रगति नहीं की। “सिर्फ आश्वासन देने से काम नहीं चलेगा, हमें जमीनी कार्रवाई करनी होगी,” गोगोई ने कहा।
क्या है ST दर्जे का महत्व?
अनुसूचित जनजाति का दर्जा मिलने पर समुदायों को शिक्षा, रोजगार और राजनीतिक प्रतिनिधित्व में आरक्षण सहित कई संवैधानिक लाभ मिलते हैं। इसके अलावा सामाजिक-आर्थिक विकास योजनाओं का सीधा लाभ भी मिलता है।
राजनीतिक हलचल तेज
गोगोई के इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने कांग्रेस पर “चुनावी वादों की राजनीति” करने का आरोप लगाया है, जबकि संबंधित समुदायों के संगठनों ने इस घोषणा का स्वागत किया है और ठोस कार्ययोजना की मांग की है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ST दर्जे का मुद्दा आगामी चुनावों में अहम भूमिका निभा सकता है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां ये समुदाय निर्णायक मतदाता माने जाते हैं।
