चेन्नई: तमिलनाडु की सियासत में अहम मोड़ लेते हुए Dravida Munnetra Kazhagam (DMK) और Indian National Congress (कांग्रेस) के बीच सीट शेयरिंग को लेकर सहमति बन गई है। बातचीत के बाद तय हुआ है कि कांग्रेस आगामी चुनाव में 28 विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी, साथ ही गठबंधन के तहत उसे एक राज्यसभा सीट भी दी जाएगी।
कई दौर की बातचीत के बाद बना फॉर्मूला
सूत्रों के अनुसार, दोनों दलों के बीच पिछले कुछ दिनों से सीटों के बंटवारे पर गहन चर्चा चल रही थी। अंततः आपसी सहमति से यह फार्मूला तय किया गया। DMK नेतृत्व ने इसे “गठबंधन की मजबूती” और “साझा वैचारिक प्रतिबद्धता” का परिणाम बताया है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह समझौता राज्य में गठबंधन की एकजुटता को और सुदृढ़ करेगा तथा भाजपा-विरोधी मतों के बिखराव को रोकेगा।
गठबंधन की रणनीति
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि DMK-कांग्रेस गठबंधन सामाजिक न्याय, धर्मनिरपेक्षता और क्षेत्रीय मुद्दों को केंद्र में रखकर चुनावी मैदान में उतरेगा। सीटों का बंटवारा पिछले चुनावी प्रदर्शन, स्थानीय समीकरण और संगठनात्मक ताकत को ध्यान में रखकर किया गया है।
राज्यसभा सीट का आश्वासन कांग्रेस के लिए रणनीतिक तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे पार्टी को राष्ट्रीय स्तर पर भी प्रतिनिधित्व का अवसर मिलेगा।
आगे की राह
अब दोनों दल उम्मीदवारों के चयन और संयुक्त प्रचार अभियान की रूपरेखा तैयार करने में जुटेंगे। माना जा रहा है कि जल्द ही साझा रैलियों और कार्यक्रमों की घोषणा की जाएगी, जिसमें शीर्ष नेता एक मंच पर नजर आएंगे।
तमिलनाडु की राजनीति में यह समझौता आने वाले चुनावी मुकाबले को और दिलचस्प बना सकता है। गठबंधन की मजबूती और सीटों का संतुलित बंटवारा चुनाव परिणामों पर कितना असर डालेगा, यह देखने वाली बात होगी।
