उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए संगठनात्मक तैयारियों को गति देना शुरू कर दिया है। प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम, प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और सह-प्रभारियों ने 2022 विधानसभा चुनाव लड़ चुके कांग्रेस प्रत्याशियों के साथ विस्तृत बैठक कर चुनावी अनुभव, संगठन की स्थिति और भविष्य की रणनीति पर चर्चा की।
बैठक में पूर्व प्रत्याशियों ने अपने-अपने क्षेत्रों के अनुभव साझा करते हुए संगठन को मजबूत करने के लिए कई सुझाव दिए। चर्चा के दौरान कुछ पूर्व प्रत्याशियों ने अपनी राय रखते हुए कहा कि वर्ष 2022 में प्रियंका गांधी के व्यापक चुनाव अभियान और मेहनत का राजनीतिक लाभ उस समय उभर रहे द्विध्रुवीय चुनावी मुकाबले के कारण समाजवादी पार्टी को अधिक मिला। उनका यह भी कहना था कि पिछले विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की सक्रियता मुख्यतः चुनाव से लगभग तीन महीने पहले ही दिखाई दी थी। यह बैठक में मौजूद कुछ नेताओं द्वारा व्यक्त किए गए विचार थे।
बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय और मजबूत बनाया जाए। कार्यकर्ताओं के साथ निरंतर संवाद, स्थानीय स्तर पर सक्रियता बढ़ाने और विधानसभा क्षेत्रों में नियमित राजनीतिक गतिविधियों को तेज करने पर विस्तार से चर्चा हुई।
इसी क्रम में प्रदेश कांग्रेस ने पूर्व विधानसभा प्रत्याशियों और आगामी चुनाव की तैयारी कर रहे नेताओं को निर्देश दिया है कि वे अगले 30 दिनों के भीतर अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों की सत्यापित बूथ कमेटियों और ग्राम सभा कमेटियों की सूची प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) को उपलब्ध कराएं। पार्टी का मानना है कि मजबूत बूथ संगठन आगामी चुनावी रणनीति की आधारशिला होगा।
सूत्रों के अनुसार, पार्टी के सह-प्रभारियों ने संभावित उम्मीदवारों और विधानसभा सीटों को लेकर फीडबैक जुटाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। स्थानीय संगठन, जनाधार, क्षेत्रीय समीकरण और कार्यकर्ताओं की राय के आधार पर प्रारंभिक स्तर पर चुनावी तैयारियों को आगे बढ़ाया जा रहा है।
कांग्रेस उत्तर प्रदेश में संगठन को जमीनी स्तर पर पुनर्गठित करने, बूथ नेटवर्क को मजबूत करने और समय रहते संभावित उम्मीदवारों की तैयारी शुरू करने की रणनीति पर काम कर रही है, ताकि आगामी विधानसभा चुनाव में अधिक संगठित तरीके से मैदान में उतर सके।
