नई दिल्ली/इंफाल:राजनीति में अक्सर नेताओं की बढ़ती संपत्ति और सुविधाओं को लेकर सवाल उठते रहते हैं, लेकिन मणिपुर से कांग्रेस सांसद Bimol Akoijam ने एक ऐसी मिसाल पेश की है जो सार्वजनिक जीवन में सादगी और ईमानदारी की अलग पहचान बनाती है।
सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मिली जानकारी के अनुसार, बिमोल अकोइजाम सांसद के तौर पर मिलने वाली सैलरी नहीं लेते। यह फैसला उन्हें देश के उन चुनिंदा जनप्रतिनिधियों में शामिल करता है जो व्यक्तिगत लाभ से ऊपर उठकर सार्वजनिक सेवा को प्राथमिकता देते हैं।
बिमोल अकोइजाम पेशे से एक प्रोफेसर हैं और वे Jawaharlal Nehru University (JNU) में पढ़ाते रहे हैं। अकादमिक जगत में उनका नाम एक गंभीर शोधकर्ता और विचारक के रूप में जाना जाता है। राजनीति में आने के बाद भी उन्होंने सादगी और पारदर्शिता की अपनी छवि को बरकरार रखा है।
उनकी संपत्ति को लेकर भी एक दिलचस्प तथ्य सामने आया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, बिमोल अकोइजाम की कुल चल और अचल संपत्ति लगभग 97 लाख रुपये है। ऐसे समय में जब कई नेताओं की संपत्ति करोड़ों में होती है, यह आंकड़ा उनकी सादगीपूर्ण जीवनशैली को दर्शाता है। हुए
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे कदम राजनीति में भरोसा बढ़ाने का काम करते हैं। आम जनता के बीच भी बिमोल अकोइजाम के इस फैसले की चर्चा हो रही है और इसे सार्वजनिक जीवन में नैतिकता की एक सकारात्मक मिसाल के रूप में देखा जा रहा है।
