केरल की राजनीति में इस बार चुनावी मुकाबला बेहद दिलचस्प और कड़ा होने वाला है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने आगामी विधानसभा चुनाव के लिए ‘मिशन 100’ का लक्ष्य तय करते हुए पूरी ताकत झोंक दी है। पार्टी का दावा है कि वह इस बार प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करेगी।
लगातार दो कार्यकाल से सत्ता में काबिज लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) सरकार के खिलाफ माहौल बनाने के लिए कांग्रेस ने अपनी रणनीति को धार दी है। पार्टी के अनुसार, राज्य में एंटी-इन्कम्बेंसी का माहौल है और जनता बदलाव चाहती है।
चुनावी अभियान को मजबूती देने के लिए कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी खुद मैदान में उतर रहे हैं। 25 मार्च को केरल में उनकी एक बड़ी जनसभा प्रस्तावित है, जिसे कांग्रेस के अभियान का टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है। इस रैली के जरिए पार्टी राज्यभर में अपना संदेश और विजन मतदाताओं तक पहुंचाने की कोशिश करेगी।
पार्टी ने अंदरूनी मतभेदों को काफी हद तक सुलझा लिया है और अब फोकस पूरी तरह जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने पर है। बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाई जा रही है ताकि हर वर्ग के मतदाताओं तक पहुंच बनाई जा सके।
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने विश्वास जताया है कि 100 सीटों का लक्ष्य हासिल करना मुश्किल नहीं होगा। उनका कहना है कि राज्य में कांग्रेस के पक्ष में माहौल बन रहा है।
इससे पहले राहुल गांधी ने केरल के लिए ‘5 गारंटियों’ का ऐलान कर जनता को आकर्षित करने की कोशिश की थी। इन गारंटियों में रोजगार, महंगाई से राहत और सामाजिक सुरक्षा जैसे मुद्दे शामिल हैं, जो आम मतदाताओं से सीधे जुड़े हुए हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि एलडीएफ सरकार के 10 साल पूरे होने के बाद इस बार चुनाव में सत्ता विरोधी लहर देखने को मिल सकती है। ऐसे में कांग्रेस इस मौके को भुनाने की पूरी कोशिश कर रही है।
अब नजरें 25 मार्च की रैली पर टिकी हैं, जहां राहुल गांधी का संबोधन चुनावी माहौल को किस दिशा में मोड़ता है, यह आने वाले दिनों में साफ होगा।
