प्रयागराज में राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में उमड़ा युवाओं का हुजूम, रोजगार और पेपर लीक पर सरकार को घेरा

प्रयागराज। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शनिवार को प्रयागराज पहुंचे, जहां केपी कॉलेज ग्राउंड में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र और युवा शामिल हुए। कांग्रेस के अनुसार, कार्यक्रम में एक लाख से अधिक युवाओं की मौजूदगी रही। राहुल गांधी ने युवाओं के बीच रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं, कथित पेपर लीक और निजीकरण जैसे मुद्दे उठाते हुए केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा।

राहुल गांधी को सुनने और देखने के लिए युवा निर्धारित समय से पहले ही कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने लगे थे। सुबह से ही केपी कॉलेज ग्राउंड की ओर युवाओं का पहुंचना शुरू हो गया था। कार्यक्रम का समय नजदीक आने के साथ ही मैदान में भीड़ लगातार बढ़ती गई। गुलाबी रंग की शर्ट पहनकर मंच पर पहुंचे राहुल गांधी ने हाथ हिलाकर वहां मौजूद युवाओं का अभिवादन किया।

 

रोजगार से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं तक उठे सवाल

‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में राहुल गांधी ने रोजगार को देश के युवाओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि युवा अपनी पढ़ाई पर पैसा खर्च करने के साथ-साथ कई साल मेहनत करते हैं, लेकिन पढ़ाई पूरी होने के बाद भी रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं मिल रहे हैं।

उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं और कथित पेपर लीक का मुद्दा उठाते हुए कहा कि परीक्षा की तैयारी में युवाओं के कई वर्ष लग जाते हैं और व्यवस्था में गड़बड़ी होने पर उनकी मेहनत और समय दोनों प्रभावित होते हैं। राहुल गांधी ने शिक्षा के क्षेत्र में निजीकरण को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए।

प्रयागराज और इलाहाबाद की शैक्षणिक पहचान का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि एक समय इलाहाबाद देश की बेहतरीन यूनिवर्सिटी के लिए जाना जाता था।

उन्होंने कहा, “आज शाम मैं आपसे दर्द, डेटा और दौलत पर बात करने आया हूं। हिंदुस्तान के पास दुनिया का सबसे बड़ा यूथ पावर है। ये देश की स्ट्रेंथ है।”

राहुल गांधी ने अमेरिका, रूस और चीन का जिक्र करते हुए कहा कि भारत के युवाओं की ताकत इन देशों से भी बड़ी है। उन्होंने रोजगार के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि देश में एक हजार युवाओं में से केवल 12 को ही स्थायी नौकरी मिलती है।

कार्यक्रम की सफलता के लिए कांग्रेस नेताओं ने कई दिनों तक किया जनसंपर्क

राहुल गांधी के कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कई दिनों पहले से ही जमीनी स्तर पर अभियान शुरू कर दिया था।

कार्यक्रम की तैयारियों में विवेकानंद पाठक, शिवाकांत तिवारी, विश्वविजय सिंह, अजय कुमार लल्लू और अनिल यादव समेत कई कांग्रेस नेता लगातार सक्रिय रहे। नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अलग-अलग इलाकों में बैठकें करने के साथ-साथ गली-गली पर्चे बांटे और नुक्कड़ सभाएं कीं।

छात्रों तक पहुंचने के लिए कॉलेजों और लाइब्रेरियों में भी संपर्क अभियान चलाया गया। कार्यक्रम से एक दिन पहले कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने युवाओं को कार्यक्रम स्थल तक पहुंचाने के लिए घर-घर और हॉस्टल तक दस्तक दी। कार्यकर्ताओं ने छात्रों से व्यक्तिगत संपर्क कर उन्हें कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि कार्यक्रम को लेकर युवाओं में पहले से ही जबरदस्त उत्साह था और लगातार किए गए जनसंपर्क अभियान ने इस उत्साह को बड़ी संख्या में कार्यक्रम स्थल तक पहुंचाने का काम किया।

कांग्रेस का दावा- इलाहाबाद में इससे बड़ा छात्र कार्यक्रम पहले नहीं हुआ

कार्यक्रम के बाद कांग्रेस नेताओं ने इसे ऐतिहासिक आयोजन बताया। उनका कहना है कि प्रयागराज में इससे पहले इतने बड़े स्तर पर छात्रों और युवाओं का कोई कार्यक्रम नहीं हुआ।

कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के जरिए पार्टी ने रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं, पेपर लीक और युवाओं के भविष्य जैसे मुद्दों को सीधे युवाओं के बीच उठाया है। कार्यक्रम में उमड़ी भीड़ को कांग्रेस आगामी दिनों में प्रदेश की राजनीति में युवाओं की भूमिका और रोजगार के सवाल को और मजबूती से उठाने के संकेत के तौर पर देख रही है।

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