नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में अगले साल प्रस्तावित विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी अब संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने के साथ-साथ चुनावी मुद्दों और संभावित गठबंधन की रणनीति पर भी फोकस कर रही है। इसी कड़ी में 10 अगस्त को दिल्ली में उत्तर प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और संगठन से जुड़े पदाधिकारियों की अहम बैठक बुलाई गई है।
इस बैठक को यूपी कांग्रेस की आगामी चुनावी रणनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक में प्रदेश में संगठन की मौजूदा स्थिति, बूथ स्तर तक संगठन सृजन अभियान की प्रगति और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा की जाएगी। इसके साथ ही प्रदेश के मौजूदा राजनीतिक हालात और चुनाव में उठाए जाने वाले प्रमुख मुद्दों पर भी गंभीर चर्चा होने की संभावना है।
संगठन की स्थिति का लिया जाएगा जायजा
कांग्रेस उत्तर प्रदेश में चुनाव से पहले अपने संगठन को मजबूत करने की कवायद में जुटी है। पार्टी का लक्ष्य बूथ स्तर तक सक्रिय संगठन तैयार करना है, ताकि चुनावी अभियान को जमीनी स्तर पर मजबूती दी जा सके।
10 अगस्त की बैठक में संगठन सृजन अभियान के लिए नियुक्त केंद्रीय पर्यवेक्षक भी शामिल होंगे।
सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय पर्यवेक्षकों से तय समय सीमा के भीतर रिपोर्ट मांगी जा सकती है। जहां संगठन कमजोर पाया जाएगा, वहां आवश्यक बदलाव किए जाएंगे। कुछ शहर और जिला अध्यक्षों में बदलाव का फैसला भी लिया जाएगा।
राहुल गांधी लेंगे पहली बैठक
10 अगस्त को होने वाली बैठकों के सिलसिले में पहली बैठक लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी लेंगे। इसमें उत्तर प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ संगठन सृजन अभियान के लिए नियुक्त केंद्रीय पर्यवेक्षक मौजूद रहेंगे। बैठक में प्रदेश के सांगठनिक ढांचे की समीक्षा के साथ यह भी देखा जाएगा कि पार्टी ने बूथ स्तर तक संगठन खड़ा करने के लक्ष्य में कितनी प्रगति की है। चुनाव से पहले संगठन को और प्रभावी बनाने के लिए जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए जा सकते हैं।राहुल गांधी की इस बैठक को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि कांग्रेस उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को संगठन के लिहाज से पहले से ज्यादा व्यवस्थित तरीके से लड़ने की तैयारी कर रही है।
इसके बाद केसी वेणुगोपाल करेंगे बैठक
राहुल गांधी की बैठक के बाद कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल उत्तर प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे।
इस बैठक में प्रदेश कांग्रेस की नई कार्यकारिणी के गठन समेत संगठन से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होने की संभावना है। प्रदेश कार्यकारिणी में किन नेताओं को जिम्मेदारी दी जाए और संगठन को किस तरह चुनावी मोड में लाया जाए, इस पर भी दिशा-निर्देश दिए जा सकते हैं।
हाल में नियुक्त छह नए सचिवों की भूमिका और उनके जिम्मेदारी वाले क्षेत्रों को लेकर भी बैठक में चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है।
गठबंधन पर भी होगी नेताओं की राय
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच गठबंधन की को लेकर भी बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है। 2024 के लोकसभा चुनाव में दोनों दलों के साथ चुनाव लड़ने के बाद विधानसभा चुनाव में भी गठबंधन जारी रहने की बात चल रही है, हालांकि अभी तक विधानसभा चुनाव के लिए कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
सूत्रों के मुताबिक, 10 अगस्त की बैठक में प्रदेश के नेताओं से गठबंधन को लेकर उनकी राय भी ली जा सकती है। इसके साथ ही पार्टी नेताओं को संभावित गठबंधन की स्थिति में कांग्रेस के लिए मजबूत और मुफीद विधानसभा सीटों की पहचान शुरू करने के निर्देश दिए जा सकते हैं।इसका उद्देश्य संभावित सीटों को लेकर शुरुआती स्तर पर जमीनी तैयारी करना और भविष्य में गठबंधन को लेकर होने वाली बातचीत के लिए ठोस आधार तैयार करना माना जा रहा है।
चुनावी मुद्दों की भी होगी पहचान
संगठन और गठबंधन के अलावा बैठक में उत्तर प्रदेश के राजनीतिक हालात पर भी चर्चा होने की संभावना है। कांग्रेस यह तय करना चाहती है कि आगामी विधानसभा चुनाव में किन मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाए और किन मुद्दों को चुनाव तक लगातार विस्तार दिया जाए।
पार्टी रोजगार, बेरोजगारी, युवाओं से जुड़े सवाल, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों, पेपर लीक, किसानों, महंगाई और सामाजिक मुद्दों को लेकर पहले से सरकार को घेरती रही है। अब इन मुद्दों में से ऐसे मुद्दों की पहचान की जा सकती है, जिनका व्यापक राजनीतिक असर हो और जिन्हें बूथ स्तर तक अभियान का हिस्सा बनाया जा सके।
2027 के लिए कांग्रेस की जमीन तैयार करने की कवायद
10 अगस्त की बैठक को कांग्रेस की 2027 विधानसभा चुनाव की व्यापक तैयारियों की शुरुआत को गति देने वाली कवायद के तौर पर देखा जा रहा है। पार्टी एक तरफ संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने में जुटी है, तो दूसरी तरफ संभावित गठबंधन और चुनावी मुद्दों को लेकर रणनीति तैयार कर रही है।
