चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस के नए प्रभारी सचिन पायलट के चंडीगढ़ पहुंचते ही पार्टी के भीतर एकजुटता की तस्वीर देखने को मिली। लंबे समय बाद पंजाब कांग्रेस के कई प्रमुख नेता एक ही मंच पर नजर आए। संगरूर में गुलजार सिंह की मौत के मामले को लेकर आयोजित विरोध प्रदर्शन में पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने सचिन पायलट के साथ मंच साझा किया।
सेक्टर-15 स्थित पंजाब कांग्रेस भवन के बाहर आयोजित इस प्रदर्शन में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता भी पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार और वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के खिलाफ मोर्चा खोला।
पायलट ने संभाली कमान, बोले- सबसे पहले लाठी मैं खाऊंगा
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए सचिन पायलट ने कार्यकर्ताओं को भरोसा दिलाया कि पंजाब में पार्टी की लड़ाई में वह आगे रहेंगे। उन्होंने कहा कि पुलिस कार्रवाई का सामना करने में भी वह सबसे आगे होंगे।पायलट ने कहा कि सबसे पहले लाठी मैं खाऊंगा, उसके बाद कार्यकर्ता आएंगे। उनके इस बयान को कार्यकर्ताओं के बीच नेतृत्व का संदेश देने के तौर पर देखा गया। उन्होंने भाजपा और शिरोमणि अकाली दल के बीच संभावित राजनीतिक नजदीकी को लेकर भी सवाल उठाए। पायलट ने कहा कि भाजपा आज उसी अकाली दल की शरण में जा रही है, जिसे वह पहले निशाना बनाती रही है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर भाजपा को अब अकाली दल के सहारे की जरूरत क्यों पड़ रही है।पायलट ने यह भी कहा कि अकाली दल अब वैसा नहीं रहा जैसा प्रकाश सिंह बादल के समय था और पार्टी में कई धड़े बन चुके हैं। उनके मुताबिक दोनों दल पंजाब में अपनी राजनीतिक जमीन तलाश रहे हैं।
चन्नी और वड़िंग की मुलाकात ने खींचा ध्यान
विरोध प्रदर्शन के दौरान मंच पर एक तस्वीर ने खास तौर पर राजनीतिक चर्चा को हवा दी। सचिन पायलट ने सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी तथा सांसद एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजा वड़िंग को अपने आसपास बैठाया। मंच पर वड़िंग और चन्नी ने हाथ मिलाया और गर्मजोशी से एक-दूसरे का अभिवादन किया। लंबे समय से दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक मतभेदों की चर्चाओं के बीच इस मुलाकात को पार्टी के भीतर एकजुटता के संदेश के तौर पर देखा गया।
अपने संबोधन में राजा वड़िंग ने वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं का जिक्र करते हुए कहा कि सभी वरिष्ठ नेता उनकी “पगड़ी की लड़” हैं और उनके दिल में बसते हैं। उन्होंने मंच से पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का नाम भी लिया।
हाईकमान के संदेश के बाद एक मंच पर नेता
पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से नेताओं के बीच मतभेद और अलग-अलग खेमों की चर्चाएं होती रही हैं। ऐसे में नए प्रभारी के तौर पर सचिन पायलट की मौजूदगी में वरिष्ठ नेताओं का एक मंच पर आना पार्टी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पार्टी के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती संगठन को एकजुट रखने और सरकार के खिलाफ राजनीतिक मुद्दों को प्रभावी तरीके से उठाने की है। चंडीगढ़ के प्रदर्शन में जिस तरह चन्नी, वड़िंग और अन्य वरिष्ठ नेता एक साथ नजर आए, उससे कांग्रेस ने फिलहाल सामूहिक नेतृत्व और एकजुटता का संदेश देने की कोशिश की है।
