लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने संगठनात्मक तैयारियों के साथ सीट बंटवारे की रणनीति पर भी काम तेज कर दिया है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने सोमवार को यूपी कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ करीब तीन घंटे तक बैठक कर संभावित सीटों पर मंथन किया। बैठक में प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम, प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा और कार्यकारी अध्यक्ष इमरान मसूद शामिल हुए।
बैठक में करीब 175 विधानसभा सीटों पर चर्चा हुई। पार्टी ने संभावित सीटों को उनकी राजनीतिक स्थिति और चुनावी संभावनाओं के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर सूची तैयार की है। कांग्रेस की रणनीति है कि समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन की बातचीत में अपनी दावेदारी स्पष्ट रखते हुए समय रहते सीट बंटवारे को अंतिम रूप दिया जाए।
A, B और C कैटेगरी में सीटों की सूची तैयार
बैठक से जुड़ी जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस ने संभावित सीटों की तीन श्रेणियां बनाई हैं। इनमें करीब 100 सीटें A कैटेगरी, 40 से 50 सीटें B कैटेगरी और 25 से 35 सीटें C कैटेगरी में रखी गई हैं।
पार्टी इन सीटों का आकलन पिछले चुनावों के प्रदर्शन, संगठन की स्थिति और स्थानीय राजनीतिक समीकरणों के आधार पर कर रही है। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव और 2017 के विधानसभा चुनाव के नतीजों को भी सीटों के चयन का आधार बनाया जा रहा है।
कांग्रेस की कोशिश है कि प्रदेश के प्रत्येक लोकसभा क्षेत्र में कम से कम एक विधानसभा सीट पर पार्टी चुनाव लड़ सके। इसके जरिए पार्टी अपने संगठनात्मक आधार को मजबूत करने और राज्य में अपनी राजनीतिक उपस्थिति बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है।
नवंबर तक सीट बंटवारा अंतिम करने का लक्ष्य
कांग्रेस नेतृत्व का लक्ष्य नवंबर तक समाजवादी पार्टी के साथ सीट बंटवारे की प्रक्रिया को अंतिम रूप देना है। इसके लिए इसी सप्ताह प्रियंका गांधी की यूपी कांग्रेस नेताओं के साथ एक और बैठक प्रस्तावित है।
इस बैठक के बाद कांग्रेस समाजवादी पार्टी को करीब 150 विधानसभा सीटों की सूची सौंप सकती है। यह सूची गठबंधन वार्ता में पार्टी की संभावित दावेदारी का आधार बनेगी।
सीटों की संख्या और उनके चयन को लेकर कांग्रेस अपनी रणनीति स्पष्ट करना चाहती है, ताकि चुनावी तैयारियों के दौरान अनिश्चितता से बचा जा सके। पार्टी की कोशिश है कि गठबंधन की बातचीत समय रहते पूरी हो और कार्यकर्ताओं को चुनावी तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिले।
अमेठी, रायबरेली और सहारनपुर पर विशेष नजर
सीट बंटवारे की रणनीति में कांग्रेस अमेठी, रायबरेली और सहारनपुर जैसे क्षेत्रों को विशेष महत्व दे रही है। पार्टी इन जिलों की उन विधानसभा सीटों पर भी दावा पेश करने की तैयारी में है, जहां फिलहाल समाजवादी पार्टी के विधायक हैं।
सूत्रों के मुताबिक, समाजवादी पार्टी की मौजूदा करीब एक दर्जन सीटें भी कांग्रेस की संभावित दावेदारी के दायरे में हैं। कांग्रेस इन सीटों पर अपने पुराने चुनावी प्रदर्शन, स्थानीय संगठन और राजनीतिक प्रभाव को आधार बनाकर दावा पेश कर सकती है। हालांकि, इन सीटों पर अंतिम सहमति समाजवादी पार्टी के साथ बातचीत और दोनों दलों के बीच होने वाले समझौते पर निर्भर करेगी।
अखिलेश यादव के साथ बातचीत में प्रियंका गांधी की अहम भूमिका
समाजवादी पार्टी के साथ सीट बंटवारे की बातचीत में प्रियंका गांधी की भूमिका अहम रहने की संभावना है। पार्टी नेतृत्व गठबंधन वार्ता को शीर्ष स्तर पर आगे बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। औपचारिक बातचीत के लिए कांग्रेस एक समिति का गठन भी कर सकती है, जो संभावित सीटों, चुनावी समीकरणों और संगठन की स्थिति के आधार पर समाजवादी पार्टी के सामने पार्टी का पक्ष रखेगी।
कांग्रेस की रणनीति फिलहाल दो स्तरों पर आगे बढ़ रही है एक ओर पार्टी अपनी संभावित सीटों की सूची तैयार कर रही है, वहीं दूसरी ओर संगठन को चुनाव के लिए मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।
