उत्तराखंड में मिशन-2027 की सियासी बिसात बिछनी शुरू हो गई है। भाजपा के दिग्गज नेताओं के लगातार दौरों के बाद अब कांग्रेस भी बड़े चुनावी दांव की तैयारी में जुट गई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का इस महीने के आखिर या अगले महीने के पहले सप्ताह में उत्तराखंड दौरा प्रस्तावित है। पार्टी गढ़वाल और कुमाऊं मंडल में बड़ी जनसभाओं के जरिए चुनावी शंखनाद करने की रणनीति पर काम कर रही है। कांग्रेस को उम्मीद है कि राहुल गांधी का दौरा संगठन में नई ऊर्जा भरने के साथ भाजपा के आक्रामक अभियान का जवाब भी बनेगा।
राहुल गांधी के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर प्रदेश कांग्रेस संगठन में तैयारियां तेज हो गई हैं। प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह और वरिष्ठ नेता हरक सिंह रावत समेत कई नेताओं के बीच लगातार बैठकों और रणनीति पर मंथन चल रहा है। बताया जा रहा है कि जनसभाओं की रूपरेखा जल्द हाईकमान को भेजी जाएगी।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि राहुल गांधी अपने संबोधन में बेरोजगारी, महंगाई, पलायन और चारधाम यात्रा से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठा सकते हैं। कांग्रेस इसे भाजपा सरकार के खिलाफ माहौल बनाने के बड़े अवसर के तौर पर देख रही है।
सूत्रों के अनुसार राहुल गांधी पौड़ी या फिर लैंसडाउन क्षेत्र का दौरा कर सकते हैं। इस दौरान वे सैनिक और सैन्य परिवारों के बीच पहुंचकर अग्निवीर योजना, वन रैंक वन पेंशन और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सभा कर सकते हैं। कांग्रेस नेताओं का मानना है कि उत्तराखंड जैसे सैनिक बाहुल्य राज्य में यह मुद्दे राजनीतिक रूप से अहम साबित हो सकते हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि राहुल गांधी के उत्तराखंड दौरे को लेकर शीर्ष नेतृत्व के साथ लगातार बातचीत चल रही है। अभी सभा स्थल और तारीख अंतिम रूप से तय नहीं हुई है, लेकिन पार्टी जल्द ही कार्यक्रम घोषित करेगी। वहीं कांग्रेस प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा के भी जल्द उत्तराखंड दौरे पर आने की संभावना है।
कांग्रेस चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत ने कहा कि पार्टी ने ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी से आग्रह किया है कि राहुल गांधी पौड़ी गढ़वाल या लैंसडाउन क्षेत्र में जनसभा करें। उनका कुमाऊं मंडल का भी दौरा प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का उत्तराखंड दौरा कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नया उत्साह भरने के साथ केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ माहौल बनाने में मदद करेगा।
