प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष की निष्क्रियता से जूझ रही यूपी कांग्रेस, डेढ़ साल बाद भी नहीं बनी नई कार्यकारिणी

उत्तर प्रदेश कांग्रेस में संगठनात्मक निष्क्रियता को लेकर कार्यकर्ताओं के बीच लगातार असंतोष बढ़ता जा रहा है। प्रदेश में नई कार्यकारिणी गठन में हो रही देरी अब चर्चा का बड़ा विषय बन चुकी है।

स्थिति यह है कि पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू की कार्यकारिणी से ही लगभग नौ महीने तक तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष बृजलाल खाबरी को काम चलाना पड़ा। इसके बाद वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को पद संभाले दो साल आठ महीने से अधिक का समय हो चुका है, लेकिन संगठनात्मक ढांचा अब तक पूरी तरह सक्रिय नहीं हो पाया है।

लोकसभा चुनाव के बाद पांच दिसंबर 2024 को प्रदेश कार्यकारिणी भंग कर दी गई थी। इसके बाद लगभग डेढ़ साल बीत जाने के बावजूद नई प्रदेश कार्यकारिणी का गठन नहीं हो सका। इससे जमीनी कार्यकर्ताओं में निराशा का माहौल है।

कांग्रेस नेतृत्व ने देशभर में “संगठन सृजन अभियान” शुरू कर नए सिरे से संगठन तैयार करने की दिशा में कदम बढ़ाया तो उत्तर प्रदेश के कार्यकर्ताओं को भी उम्मीद जगी कि अब प्रदेश में संगठन को मजबूती मिलेगी। लेकिन अब तक उस दिशा में कोई ठोस प्रगति दिखाई नहीं दी।

जिलाध्यक्षों के चयन के लिए 75 पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की गई थी, मगर उन्हें अब तक जिले आवंटित नहीं किए गए। बाद में पूरी प्रक्रिया को होल्ड पर रख दिया गया। इससे संगठनात्मक गतिविधियां लगभग ठप नजर आ रही हैं।

कार्यकर्ताओं का कहना है कि प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे और प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने आखिरी बार जिला स्तर पर कार्यकर्ताओं से कब संवाद किया, शायद यह बात उन्हें खुद भी याद न हो। लगातार संवादहीनता के कारण जमीनी कार्यकर्ताओं में दूरी बढ़ती जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *