केरल में गरजा कांग्रेस का अभियान: राहुल गांधी का मैराथन प्रचार, लेफ्ट और बीजेपी पर तीखा हमला

केरल की सियासत इन दिनों पूरी तरह गर्म हो चुकी है, और इस चुनावी माहौल के केंद्र में हैं राहुल गांधी।

नेता विपक्ष राहुल गांधी ने पिछले दो दिनों में राज्य भर में करीब 10 जनसभाएं और रोड शो कर चुनावी अभियान को नई धार दे दी है। उनका यह आक्रामक प्रचार कांग्रेस के लिए निर्णायक माना जा रहा है।

जनता के बीच अलग अंदाज में पहुंचे राहुल

राहुल गांधी का प्रचार इस बार पारंपरिक शैली से अलग नजर आया। कभी वे साइकिल चलाते हुए आम लोगों के बीच पहुंचे, तो कभी बस यात्रा कर सीधे मतदाताओं से संवाद करते दिखाई दिए। इस दौरान उन्होंने लोगों को “गारंटी कार्ड” के जरिए कांग्रेस की योजनाओं और वादों की जानकारी दी।

उनका यह जमीनी जुड़ाव खासकर युवा और मध्यम वर्ग के बीच असर डालता दिख रहा है।

लेफ्ट और बीजेपी पर सीधा हमला

अपने भाषणों में राहुल गांधी ने नरेंद्र मोदी और केरल के मुख्यमंत्री Pinarayi Vijayan दोनों पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने उनके खिलाफ राजनीतिक द्वेष के तहत केस लगाए, उनका घर छीना और लोकसभा सदस्यता तक समाप्त कर दी।

राहुल गांधी ने कहा कि केरल में लेफ्ट और बीजेपी के बीच “अंदरूनी गठजोड़” है। उनके मुताबिक,
“नरेंद्र मोदी को पता है कि सिर्फ कांग्रेस ही उन्हें हरा सकती है, इसलिए विपक्ष को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।”

केरल में कांग्रेस की बड़ी रणनीति

United Democratic Front (यूडीएफ) ने इस बार केरल में 100 सीटें जीतने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। राहुल गांधी का ताबड़तोड़ प्रचार इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें वे हर वर्ग तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।

चुनावी मुकाबला हुआ दिलचस्प

केरल में मुख्य मुकाबला पारंपरिक रूप से यूडीएफ और लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) के बीच होता है, लेकिन बीजेपी भी इस बार अपनी मौजूदगी मजबूत करने की कोशिश में है। ऐसे में राहुल गांधी का आक्रामक प्रचार चुनाव को और दिलचस्प बना रहा है।

राहुल गांधी का यह हाई-एनर्जी कैंपेन साफ संकेत देता है कि कांग्रेस केरल में इस बार कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। अब देखना होगा कि उनका यह जमीनी जुड़ाव और तीखे राजनीतिक हमले चुनावी नतीजों में कितना असर डालते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *