नई दिल्ली: Digital Terrorism के खिलाफ सक्रिय कामाक्षी शर्मा ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। Digital Terrorism, डिजिटल न्याय तथा महिलाओं और बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा के क्षेत्र में उनके कार्यों की विभिन्न मंचों पर सराहना की गई है। उनके नाम विश्व रिकॉर्ड, भारत रिकॉर्ड और एशिया रिकॉर्ड सहित कई उपलब्धियाँ होने का दावा किया जाता है।
कामाक्षी शर्मा की जीवनगाथा पर सोहम रॉक स्टार एंटरटेनमेंट द्वारा बायोपिक भी बनाए जाने की जानकारी सामने आई है। उनका मुख्य उद्देश्य Digital Terrorism के खिलाफ जागरूकता बढ़ाना, मामलों में सहायता करना और लोगों को सुरक्षित डिजिटल वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में काम करना है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली सराहना
महिलाओं और बच्चों को Digital Terrorism और ऑनलाइन हिंसा से सुरक्षित रखने के मुद्दे पर कामाक्षी शर्मा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी समर्थन मिला है। यूके के ईस्ट डेरी निर्वाचन क्षेत्र से सोशल डेमोक्रेटिक एंड लेबर पार्टी (SDLP) की विधायक केरा हंटर ने उनके कार्य की सराहना की है।
बताया गया है कि चुनाव के दौरान हंटर को साइबर हमले और उनकी तस्वीरों के मॉर्फ किए जाने जैसी घटनाओं का सामना करना पड़ा था। कामाक्षी शर्मा के कार्यों से परिचित होने के बाद उन्होंने Digital Terrorism और डिजिटल हिंसा के खिलाफ उनके प्रयासों के प्रति आभार व्यक्त किया तथा भविष्य में आवश्यकता होने पर संपर्क में रहने की इच्छा जताई।
कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों और हस्तियों की ओर से भी कामाक्षी शर्मा को अपने देशों में काम करने के लिए आमंत्रित किए जाने की बात कही गई है।
भारत में रहकर काम करने का संकल्प
कामाक्षी शर्मा को विभिन्न राज्यों से कई पदों के प्रस्ताव मिलने की बात कही जाती है, लेकिन उन्होंने किसी पद को स्वीकार नहीं किया। उनका कहना है कि वे भारत में रहकर ही Digital Terrorism के खिलाफ अपना अभियान जारी रखना चाहती हैं।
विभिन्न राज्यों की महिलाएँ और बच्चे Digital Terrorism तथा ऑनलाइन सुरक्षा से जुड़े मामलों में उनसे संपर्क करते हैं। वे पुलिस, राजनीतिक नेताओं और विभिन्न संगठनों के साथ समन्वय कर इन मामलों में काम कर रही हैं। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और अंतरराष्ट्रीय हस्तियों द्वारा भी उनके कार्य की सराहना किए जाने की बात सामने आई है।
Digital Terrorism के खिलाफ समर्पित मिशन
कामाक्षी शर्मा का कहना है कि उनका एकमात्र उद्देश्य Digital Terrorism के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करना है। मामलों में सहायता करने से लेकर सार्वजनिक मंचों पर Digital Terrorism के मुद्दे को प्रभावी ढंग से उठाने तक, वे लगातार इस मिशन पर काम कर रही हैं।
उनकी यह पहल भारत में ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर Digital Terrorism के खिलाफ जागरूकता और सुरक्षित डिजिटल भविष्य की दिशा में एक प्रयास के रूप में सामने आ रही है।
