देहरादून। उत्तराखंड में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर सियासी माहौल गर्माने लगा है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं और कई सीटों पर रणनीतिक रूप से मजबूत चेहरों को शामिल करने की कवायद शुरू कर दी है। वहीं भारतीय जनता पार्टी के भीतर संभावित असंतोष को भुनाने की कोशिश भी तेज हो गई है।
कई सीटों पर कांग्रेस की सक्रियता
सूत्रों के अनुसार कांग्रेस सितारगंज, भीमताल, घनसाली, रुड़पुर, मसूरी और रुड़की जैसी अहम सीटों पर विशेष फोकस कर रही है। पार्टी इन क्षेत्रों में स्थानीय प्रभावशाली नेताओं को अपने पाले में लाने की कोशिश में है, जिससे सीधे मुकाबले में बढ़त बनाई जा सके।
मसूरी सीट पर पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अनुज गुप्ता को कांग्रेस में शामिल कराने की चर्चा है। वहीं रुड़की में पूर्व मेयर गौरव गोयल का नाम सामने आ रहा है। सितारगंज से पूर्व विधायक नारायण पाल,घनसाली से पूर्व विधायक भीमताल आर्य और रुद्रपुर से पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल के भी कांग्रेस में शामिल होने की चर्चा जोरों पर है। अगर ये शामिल होते हैं, तो स्थानीय समीकरणों पर बड़ा असर पड़ सकता है।
भाजपा के बड़े नेताओं की संभावित एंट्री से बढ़ेगी चुनौती
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि भाजपा के कुछ बड़े असंतुष्ट नेता भी जल्द कांग्रेस का दामन थाम सकते हैं। अगर ऐसा होता है, तो कई सीटों पर मुकाबला त्रिकोणीय होने की बजाय सीधे कांग्रेस बनाम भाजपा हो सकता है, जिससे चुनाव और दिलचस्प हो जाएगा।
धामी सरकार के सामने ये बड़े मुद्दे
राज्य की पुष्कर सिंह धामी सरकार के सामने इस बार कई बड़े मुद्दे चुनौती बनकर उभर रहे हैं।
- अंकिता भंडारी प्रकरण के बाद महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल
- भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं
- बढ़ती बेरोज़गारी
- महंगाई का असर
विपक्ष इन मुद्दों को लेकर सरकार पर लगातार हमलावर है और इसे चुनावी मुद्दा बनाने की तैयारी में है।
कांग्रेस का दावा: वापसी तय
कांग्रेस नेताओं का दावा है कि जनता बदलाव चाहती है और पार्टी पूरी मजबूती के साथ चुनाव मैदान में उतरेगी। पार्टी का मानना है कि स्थानीय स्तर पर मजबूत चेहरों की एंट्री और जनहित के मुद्दों पर आक्रामक रणनीति उसे सत्ता तक पहुंचा सकती है।
